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दुर्ग : शैल देवी महाविद्यालय अंडा में ऑनलाइन एग्जाम सेंटर का झांसा देकर 12.39 लाख की ठगी; HCL के नाम पर पहले सत्यापन, फिर उपकरण-DG सेट और इंश्योरेंस के नाम पर RTGS

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शिवगढ़ प्रेस , – दुर्ग जिले के अंडा स्थित शैल देवी महाविद्यालय को ऑनलाइन एग्जाम सेंटर शुरू कराने का झांसा देकर 12 लाख 39 हजार 483 रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। कथित ठगी का तरीका भी ऐसा था कि कॉलेज प्रबंधन को पहले कंपनी के नाम से ऑनलाइन प्रस्ताव भेजा गया, फिर कथित प्रतिनिधि को भेजकर कॉलेज का भौतिक सत्यापन कराया गया। इसके बाद Zoom मीटिंग, एग्रीमेंट और पार्टनरशिप एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी कराई गई। भरोसा बनने के बाद उपकरण, 58.5 KVA DG सेट, ट्रांसपोर्टेशन और इंश्योरेंस के नाम पर चार चरणों में कॉलेज से रकम RTGS के जरिए एक ही ट्रेडर के खाते में जमा कराई गई। रकम जमा होने के बाद संपर्क में रहने वाला मोबाइल नंबर बंद हो गया और ई-मेल का जवाब भी आना बंद हो गया। मामले में नेवई पुलिस ने धारा 318(4) BNS के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

12 अप्रैल को कॉलेज के ई-मेल पर आया प्रस्ताव

शिकायतकर्ता राजन कुमार दुबे आशीष नगर पश्चिम रिसाली निवासी हैं और शैल देवी महाविद्यालय अंडा के अध्यक्ष हैं। उनके मुताबिक संस्थान पिछले करीब 12 वर्षों से संचालित है। 12 अप्रैल 2025 को कॉलेज के प्राचार्य कामेश्वर नाथ मिश्रा ने उन्हें बताया कि महाविद्यालय के आधिकारिक ई-मेल पर HCL Technology के Examination Centre Department के नाम से मेल आया है।

मेल में कॉलेज में ऑनलाइन एग्जाम सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया था। इसमें वेदांत कपूर नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी दिया गया था। इसके बाद कथित तौर पर 17 अप्रैल को एग्रीमेंट फॉर्म भेजा गया।

कंपनी के नाम पर कराया गया कॉलेज का भौतिक सत्यापन

शिकायत के अनुसार 18 अप्रैल को कॉलेज प्रबंधन को बताया गया कि भौतिक सत्यापन के लिए थर्ड पार्टी संस्था बुल आई से प्रतिनिधि भेजा जा रहा है। इसके बाद ए.के. साहू नाम का व्यक्ति कॉलेज पहुंचा। उसने खुद को बुल आई कंपनी से जुड़ा बताया और महाविद्यालय की बिल्डिंग एवं परिसर का निरीक्षण किया। उसने फोटो भी खींचे और जाते समय रिपोर्ट भेजने की बात कही।

इसके बाद 1 मई को दोपहर 3 से 3.15 बजे तक कॉलेज अध्यक्ष और प्राचार्य की कथित तौर पर HCL Technology से जुड़ी अनीता नाम की महिला के साथ Zoom मीटिंग हुई। 5 मई को कॉलेज के ई-मेल पर Non Disclosure Agreement और Partnership Agreement भेजे गए। कॉलेज प्रबंधन ने 8 मई को दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर उन्हें वापस भेज दिया।

उपकरण खरीदने के नाम पर 5.98 लाख का पहला भुगतान

इसके बाद 19 मई को HCL Examination Centre के नाम से ई-मेल के जरिए उपकरण खरीदने का कोटेशन भेजा गया। इसमें 5 लाख 98 हजार 743 रुपए की राशि बताई गई। भुगतान के लिए SASTHI ENTERPRISE नाम के ट्रेडर का बैंक खाता, IFSC और Vendor Code दिया गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार कॉलेज ने 21 मई को अपने Yes Bank खाते से RTGS के जरिए 5 लाख 98 हजार 743 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इस भुगतान का UTR नंबर भी शिकायत में दर्ज कराया गया है।

DG सेट के नाम पर फिर जमा कराए 3.42 लाख

अभी पहला भुगतान किए कुछ दिन ही हुए थे कि 23 मई को कथित HOD Legal, HCL Examination Centre की ओर से 58.5 KVA DG SET के लिए नया कोटेशन भेजा गया। इसकी कीमत 3 लाख 42 हजार 200 रुपए बताई गई।

कॉलेज प्रबंधन ने 26 मई को यह राशि भी RTGS के माध्यम से उसी SASTHI ENTERPRISE के खाते में भेज दी। शिकायत में संबंधित बैंक खाता, IFSC और Vendor Code का भी उल्लेख किया गया है।

ट्रांसपोर्ट और इंश्योरेंस के नाम पर मांगे करीब 3 लाख

इसके बाद 11 जून को कथित HOD Legal की ओर से Dispatchment and Insurance के संबंध में ई-मेल भेजा गया। इसमें उपकरणों के Transportation के लिए 1 लाख 35 हजार 700 रुपए और Insurance के लिए 1 लाख 62 हजार 840 रुपए मांगे गए।

कॉलेज ने 13 जून को दोनों रकम RTGS के जरिए जमा कर दी। शिकायत के मुताबिक इन दोनों भुगतानों के लिए कॉलेज के HDFC Bank खाते का इस्तेमाल किया गया। इस तरह चार अलग-अलग भुगतान में कॉलेज से कुल 12 लाख 39 हजार 483 रुपए जमा करा लिए गए।

14 जून तक बातचीत, 15 जून से मोबाइल बंद

शिकायतकर्ता के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम में वेदांत कपूर नाम के व्यक्ति से 12 अप्रैल से 14 जून 2025 तक लगातार मोबाइल पर बातचीत होती रही। भुगतान की प्रक्रिया के दौरान संपर्क बना रहा, जिससे कॉलेज प्रबंधन को प्रस्ताव वास्तविक होने का भरोसा बना रहा।

लेकिन 15 जून के बाद संबंधित मोबाइल नंबर लगातार बंद आने लगा। जिस ई-मेल आईडी से बातचीत हो रही थी, वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। कॉलेज प्रबंधन ने कई प्रयासों के बाद जब संपर्क नहीं हो सका तो उसे ठगी का संदेह हुआ।

1930 पर शिकायत, अब बैंक खातों और ई-मेल की जांच

इसके बाद शैल देवी महाविद्यालय की ओर से साइबर हेल्पलाइन 1930 पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस से ऑनलाइन एग्जाम सेंटर के नाम पर रकम लेने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

नेवई पुलिस ने आवेदन के अवलोकन में प्रथम दृष्टया धारा 318(4) BNS का अपराध पाए जाने पर मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है। अब पुलिस कथित HCL से जुड़े ई-मेल, मोबाइल नंबर, Zoom मीटिंग, भेजे गए एग्रीमेंट, कॉलेज का कथित भौतिक सत्यापन, बैंक खातों और RTGS लेनदेन की जांच करेगी।

पुलिस यह भी जांच करेगी कि SASTHI ENTERPRISE के खाते में जमा रकम किसके नियंत्रण में थी और वेदांत कपूर समेत संपर्क में आए अन्य लोग वास्तव में कौन हैं। इसके अलावा HCL Technology और संबंधित संस्थाओं के नाम का इस्तेमाल किस स्तर पर और कैसे किया गया, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।

प्रारंभिक शिकायत के अनुसार कॉलेज को ऑनलाइन एग्जाम सेंटर शुरू होने की उम्मीद में पहले कंपनी का प्रस्ताव, फिर सत्यापन और दस्तावेजी प्रक्रिया दिखाई गई और उसके बाद अलग-अलग मदों में भुगतान कराया गया। भुगतान पूरा होने के बाद संपर्क टूटने पर पूरा मामला संदिग्ध हो गया। अब पुलिस की जांच से ही इस कथित फर्जीवाड़े के पीछे शामिल लोगों और पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

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Vaibhav Chandrakar

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