शिवगढ़ प्रेस । रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नियमित शासकीय कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक और दूरगामी फैसला लिया है। कर्मचारियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राज्य शासन और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज को लेकर महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है। इस समझौते के तहत एसबीआई में वेतन खाता रखने वाले कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का बीमा कवर पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा।
बिना प्रीमियम मिलेगा करोड़ों का सुरक्षा कवच
एमओयू के अनुसार, शासकीय कर्मचारियों को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त प्रीमियम चुकाए बिना व्यापक बीमा सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें
1 करोड़ रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा,
1 करोड़ 60 लाख रुपए का हवाई दुर्घटना बीमा,
1 करोड़ रुपए का स्थायी पूर्ण दिव्यांगता बीमा,
80 लाख रुपए का आंशिक दिव्यांगता बीमा,
10 लाख रुपए का समूह जीवन बीमा शामिल है।
यह बीमा कवर न केवल कर्मचारी बल्कि उनके परिवारों के लिए भी संकट के समय मजबूत आर्थिक सहारा साबित होगा।
रुपे कार्ड पर अतिरिक्त लाभ
समझौते की खास बात यह है कि एसबीआई रुपे कार्ड धारक कर्मचारियों को पहले से मिलने वाले 1 करोड़ रुपए के बीमा कवर में अतिरिक्त 10 लाख रुपए का लाभ भी दिया जाएगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य बीमा टॉप-अप जैसी सुविधाएं भी कर्मचारियों को रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री का बयान: कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। एसबीआई के साथ किया गया यह एमओयू कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनेगा और उन्हें भविष्य की अनिश्चितताओं से राहत देगा।
वित्त मंत्री बोले: कर्मचारी-हितैषी नीति का प्रमाण
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह समझौता कर्मचारियों को आर्थिक जोखिम से बचाने की दिशा में एक अहम पहल है। बिना किसी अतिरिक्त खर्च के इतनी व्यापक बीमा सुविधाएं मिलना यह साबित करता है कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
कब और कैसे हुआ समझौता
यह एमओयू 22 दिसंबर 2025 को वित्त सचिव, छत्तीसगढ़ शासन की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस करार से राज्य के हजारों नियमित कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाओं के साथ-साथ दुर्घटना या आकस्मिक परिस्थितियों में बड़ी आर्थिक राहत सुनिश्चित होगी।
कुल मिलाकर
छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें और उनके परिवारों को सुरक्षित भविष्य का भरोसा भी देगा। यह फैसला राज्य में कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
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