शिवगढ़ प्रेस / दुर्ग :- दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.आर.आर.बी.सिंह के मार्गदर्शन एवं निदेशक अनुसंधान सेवाऐं के तत्वाधान में विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालय एवं इकाईयों में कार्यरत 40 सहायक तथा सह-प्राध्यापक के लिए नौ दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम दिनांक 14 से 22 मार्च एवं विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट फॉर एंप्लॉयमेंट एवं एंटरप्रेन्योरशिप विषय पर 16 से 17 मार्च को कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक/ अतिथि वक्ता पूर्व प्राध्यापक/प्रमुख वैज्ञानिक/सलाहकार डॉ.के.हनुमंत राव थे। अन्य प्रमुख अतिथि वक्ताओं में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.गिरीश चंदेल, डॉ.हुलास पाठक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष एग्री बिजनेस मैनेजमेंट, डॉ. वी.के.जे. राव, डॉ.एम.एम. अनवर, डॉ.एस.आंगड़ी, डॉ. तिर्मल रेड्डी, डॉ. एस.अनवर उल हक द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
कुलपति डॉ.आर.आर.बी.सिंह ने प्राध्यापको को विषय से संबंधित नए अनुसंधान कार्य को प्राथमिकता देने की सलाह देते हुए तीन अलग-अलग सत्रों में विश्वविद्यालय द्वारा आगामी 25 वर्षों के लिए निर्धारित संकल्पना के बारे में जानकारी दी। कुलपति जी द्वारा कृषि उत्पादन आयुक्त के समक्ष विश्वविद्यालय के अनुसंधान, शिक्षण एवं विस्तार गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय को देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने हेतु आह्वान किया। निदेशक अनुसंधान सेवाऐं डॉ. जी. के. दत्ता ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उनकी सेवा संबंधी नियमों,आचरण संहिता, कार्य व्यवहार आदि से संबंधित विभिन्न विषयों के बारे में जानकारी दी गई।

प्रशिक्षकों एवं विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा प्रतिभागियों द्वारा प्राप्त प्रशिक्षण का मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों से अनुसंधान प्रस्ताव भी तैयार करवाए गए प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में फीडबैक भी दिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रोग्राम डायरेक्टर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.एस.के.तिवारी, निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ.जी.के.दत्ता, प्राध्यापक डॉ.धीरेंद्र भोंसले, डॉ. मंजू राय, डॉ. दुर्गा चौरसिया थी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन की कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र का वितरण करते हुए अपने संबोधन में कहा कि वैज्ञानिक/ शिक्षक एवं विद्यार्थी इस प्रशिक्षण से निश्चित ही लाभान्वित हुए होंगे। वे अनुसंधान, शिक्षण एवं विस्तार गतिविधियों को छात्र/किसान के हितों को ध्यान में रखकर अपने कार्य की महत्ता को प्रतिपादित करेंगे तथा वह अपने विषय से संबंधित अनुसंधान कार्यो को प्राथमिकता देवें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव, वित्त अधिकारी, अधिष्ठातागण, निदेशक गण, प्राध्यापकगण, कुलपति जी के निज सचिव एवं विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. निधि रावत एवं डॉ.मंजू राय द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।



















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