शिवगढ़ प्रेस । दुर्ग, – जिले के रानीतराई थाना क्षेत्र में सोमवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब साप्ताहिक बाजार में व्यापारियों के हाथ नकली नोट लगने लगे। रोजमर्रा की तरह सब्जी बेच रहे व्यापारी उस समय चौंक गए, जब गल्ले में रखे 500 के नोट देखने और छूने में ही संदिग्ध नजर आए। कुछ ही देर में यह खबर पूरे बाजार में फैल गई कि बाजार में कोई नकली नोट चला रहा है।

60 रुपए की खरीदारी और 500 का नकली नोट
सबसे पहले इस पूरे मामले का खुलासा सब्जी विक्रेता तुलेश्वर सोनकर ने किया। तुलेश्वर के अनुसार, शाम करीब 5.30 बजे एक व्यक्ति और महिला ने उसके ठेले से मटर और मिर्च खरीदी, जिसकी कीमत मात्र 60 रुपए थी। भुगतान के लिए उन्होंने 500 रुपए का नोट दिया। तुलेश्वर ने बाकी पैसे लौटाकर नोट गल्ले में रख लिया।
कुछ देर बाद पास के व्यापारी माधव सोनकर ने बाजार में नकली नोट चलने की सूचना दी। जब तुलेश्वर ने अपने गल्ले की जांच की, तो 500 रुपए का नोट हाथ में लेते ही शक पुख्ता हो गया। नोट न सिर्फ देखने में बल्कि छूने में भी असली जैसा नहीं लग रहा था।

एक के बाद एक व्यापारी बने शिकार
जांच में सामने आया कि आरोपी सिर्फ एक दुकान तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने रानीतराई बाजार में कई व्यापारियों को निशाना बनाया। भावेश देवांगन, आदोराम बेलवाकुदा, दीपक साहू, संतोष देवांगन, शीतल यादव, चंद्रिका बाई, रोहित सोनकर और भूपेंद्र पटेल जैसे व्यापारियों से सामान खरीद कर नकली नोट थमाए गए।
यह तरीका बेहद शातिर था — कम कीमत का सामान खरीदना, बड़ा नोट देना और छुट्टे असली पैसे वापस लेकर चुपचाप बाजार से निकल जाना।

सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
नकली नोट की सूचना मिलते ही रानीतराई थाना पुलिस तत्काल साप्ताहिक बाजार पहुंची। पुलिस ने संदिग्ध दंपती की पहचान कर उन्हें मौके पर ही हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उनकी पहचान अरुण कुमार तुरंग (50) और उसकी पत्नी राखी तुरंग (40) के रूप में हुई, जो रायपुर जिले के सोनपैरी, मुजगहन के निवासी हैं।
पूछताछ में कबूल किया जुर्म
पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपी अरुण तुरंग ने नकली नोट छापने और बाजार में चलाने की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि उसने ऑनलाइन माध्यम से कलर फोटो कॉपी प्रिंटर और विशेष कागज मंगाया था। उसी प्रिंटर से 500, 200 और 100 रुपए के नकली नोटों की छपाई की गई।

आरोपी ने कबूल किया कि वह इससे पहले पाटन के साप्ताहिक बाजार में भी नकली नोट चला चुका था और रानीतराई बाजार में करीब 5200 रुपए के नकली नोट लेकर आया था।
घर की तलाशी में मिला ‘नकली नोटों का खजाना’
पुलिस ने आरोपी के रायपुर स्थित निवास सोनपैरी, मुजगहन में विधिवत तलाशी ली। वहां से पुलिस को कलर फोटो कॉपी मशीन, विशेष कागज और भारी मात्रा में नकली नोट बरामद हुए।
कुल मिलाकर पुलिस ने 1,70,500 रुपए के नकली नोट (500, 200 और 100 के) जब्त किए हैं। यह रकम सुनकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
पति-पत्नी की जोड़ी, बाजार बना निशाना
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पति-पत्नी मिलकर इस अपराध को अंजाम दे रहे थे। दोनों आम खरीदार बनकर बाजार में घूमते, कम कीमत का सामान खरीदते और बड़ी राशि का नकली नोट थमा कर असली छुट्टे पैसे ले लेते थे। बाजार की भीड़ और अव्यवस्था का पूरा फायदा उठाया गया।
कानूनी कार्रवाई और गंभीर धाराएं
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना रानीतराई में अपराध क्रमांक 123/2025 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 178, 179, 180, 181 एवं 3(5) बीएनएस के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से तो नहीं जुड़े हैं।
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