Dau Vasudev Chandrakar Kamdhenu University AnjoraChhattisgarh

कामधेनु विश्वविद्यालय में ब्लेंडेड लर्निंग प्लेटफॉर्म पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

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शिवगढ़ प्रेस /दुर्ग /दुर्ग :- दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग के अंतर्गत पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग के सभागार में 07 – 08 दिसंबर 2023 को ब्लेंडेड लर्निंग प्लेटफॉर्म पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.आर.आर.बी. सिंह के मुख्य आतिथ्य, कार्यक्रम आयोजक डॉ.आर.सी. घोष निर्देशक शिक्षण, कुलसचिव डॉ.आर.के.सोनवणे, निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ.संजय शाक्य, निदेशक अनुसंधान डॉ.जी.के. दत्ता, डॉ.राजू शारदा अधिष्ठाता मात्स्यिकी महाविद्यालय, कवर्धा एवं आयुष प्रकाश अरोरा सलाहकार (आर.ए.ई.एस.) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर.), भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान (आई.ए.एस.आर.आई.) एवं डॉ.सुदीप मारवाहा कम्प्यूटर अनुप्रयोग प्रभाग के प्रमुख और प्रमुख अन्वेषक एन.ए.एच.ई.पी. कंपोनेंट 02 (ऑनलाइन मोड), समीर श्रीवास्तव भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, मनीष वर्मा ट्रेनर एवं विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

इस कार्यशाला में पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा, दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर एवं मात्स्यिकी महाविद्यालय कवर्धा के प्राध्यापकगणों की सहभागिता रही। श्री आयुष प्रकाश अरोरा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ब्लेंडेड लर्निंग प्लेटफॉर्म विषय पर व्याख्यान दिया। ब्लेंडेड लर्निंग प्लेटफॉर्म भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से संबद्ध शैक्षणिक संस्थानों के लिए विकसित किया गया है।

डॉ.आर.सी.घोष ने स्वागतीय भाषण में बताया कि ब्लेंडेड लर्निंग शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श शिक्षा पद्धति है जिसमें विद्यार्थी प्रत्यक्ष तौर से तथा ऑनलाइन दोनों ही माध्यमों से शिक्षा प्राप्त करता है। इसके द्वारा विद्यार्थी किसी भी विषय या टॉपिक को और ज्यादा बेहतर तरीके से समझ सकते है इस अवसर पर कुलपति ने अपने उद्बोधन में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (NARES) द्वारा विकसित ब्लेंडेड लर्निंग प्लेटफॉर्म के विषय में बताया कि यह एक मिश्रित शिक्षा प्रणाली है जिसमें विद्यार्थी पाठ्यक्रम का एक भाग कक्षा में पूरा करता है एवं दूसरा भाग डिजिटल व ऑनलाइन संसाधनों का प्रयोग करके पूरा करता है। यह प्रत्येक विश्वविद्यालय एवं शैक्षणिक संस्थान के लिए उपयोगी है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी ने टीचिंग, लर्निंग के पारंपरिक तरीके को बहुत प्रभावित किया है, ब्लेंडेड लर्निंग प्लेटफॉर्म ऑनलाइन लर्निंग, टीचिंग, ऑटोमेटिक एग्जामिनेशन, पावर पाइंट प्रेजेंटेशन, उच्च तकनीकी ज्ञान प्राप्ति में मिल का पत्थर साबित होगा।

ट्रेनर श्री मनीष वर्मा द्वारा NAHEP वेबसाइट के उपयोग से शिक्षक/प्राध्यापक कभी भी वीडियो,असाइनमेंट अपलोड तथा अपलोडेड कंटेंट को विद्यार्थी अपनी सुविधानुसार जितनी बार चाहे पढ़ व देख सकते हैं इसकी जानकारी दी गई। आज के आधुनिकतम युग में ब्लेंडेड लर्निंग सभी शिक्षण संस्थानों के लिए अति आवश्यक है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ.रूपल पाठक एवं डॉ. रजनी फ्लोरा कुजूर द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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Vaibhav Chandrakar

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