शिवगढ़ प्रेस / डेस्क , – शादी और रिश्ते के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड के मामले देशभर में तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर भावनात्मक कमजोरियों को निशाना बना रहे हैं। मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठग भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं, जिससे लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है।
कैसे काम करता है साइबर ठगों का नेटवर्क
साइबर ठग आकर्षक प्रोफाइल फोटो, फर्जी नाम और झूठी पहचान के साथ मैट्रिमोनियल या डेटिंग ऐप्स पर अकाउंट बनाते हैं। कई बार ये तस्वीरें किसी और की सोशल मीडिया प्रोफाइल से चुराई जाती हैं। बातचीत की शुरुआत सामान्य दोस्ती या शादी के प्रस्ताव से होती है और धीरे-धीरे भावनात्मक रिश्ता मजबूत किया जाता है।
भरोसा जीतकर पैसे की मांग
कुछ दिनों या हफ्तों की बातचीत के बाद ठग किसी परेशानी, बिजनेस लॉस, मेडिकल इमरजेंसी या विदेश में फंसे होने जैसी कहानियां सुनाते हैं। इसके बाद पीड़ित से पैसे ट्रांसफर करने, निवेश करने या क्रिप्टोकरेंसी में रकम लगाने को कहा जाता है। कई मामलों में लिंक भेजकर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराया जाता है, जिससे बैंक अकाउंट या डिजिटल वॉलेट भी हैक हो जाते हैं।
आर्थिक ही नहीं, मानसिक नुकसान भी
इस तरह के साइबर फ्रॉड में पीड़ितों को केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव और सामाजिक शर्मिंदगी का भी सामना करना पड़ता है। कई बार निजी फोटो या वीडियो हासिल कर ठग ब्लैकमेलिंग भी शुरू कर देते हैं।

I4C और गृह मंत्रालय की चेतावनी
Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C), गृह मंत्रालय ने इस बढ़ते खतरे को देखते हुए आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। इसमें नागरिकों को ऑनलाइन रिश्तों के आधार पर किसी भी तरह का पैसा ट्रांसफर या निवेश न करने की सख्त सलाह दी गई है।
कैसे रहें सुरक्षित
ऑनलाइन मिले व्यक्ति पर पूरी तरह भरोसा करने से बचें
किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें
अपनी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो या वीडियो साझा न करें
शक होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
सावधानी और जागरूकता ही इस तरह के साइबर अपराधों से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।
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