शिवगढ़ प्रेस । दुर्ग
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से अंधविश्वास को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। झाड़फूंक और इलाज के नाम पर घर में घुसकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नंदिनी नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बैगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना समाज में फैले अंधविश्वास और मासूमों की असुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
बेटी की बीमारी बनी अपराध की वजह
पीड़िता की मां ने 24 दिसंबर 2025 को थाना नंदिनी नगर में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसकी नाबालिग बेटी की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी। इलाज की तलाश में उसने परसबोड़, बेमेतरा निवासी परमेश्वर बघेल उर्फ बाडू बैगा को बुलाया, जो खुद को झाड़फूंक करने वाला बैगा बताता था। परिवार ने भरोसा किया और उसे घर में प्रवेश दिया।

भरोसा जीता, फिर बहाने से ले गया बाहर
झाड़फूंक की प्रक्रिया के बाद आरोपी ने नींबू फेंकने का बहाना बनाया और बच्ची को अपने साथ घर से कुछ दूरी पर स्थित नर्सरी की ओर ले गया। वहां आरोपी ने बच्ची को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, वारदात के बाद आरोपी ने किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी, जिससे बच्ची डर के साए में आ गई।
सामने आई सच्चाई, पुलिस में शिकायत
घटना के बाद बच्ची की हालत और व्यवहार में बदलाव देखकर परिजनों को शक हुआ। पूछताछ करने पर बच्ची ने आपबीती बताई। इसके बाद मां ने बिना देरी किए थाना नंदिनी नगर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए तत्काल अपराध पंजीबद्ध किया।
पॉक्सो समेत गंभीर धाराओं में केस
पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना नंदिनी नगर में अपराध क्रमांक 345/2025 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ धारा 64(2)(1), 351(3) बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला कायम किया गया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के साथ ही आरोपी की तलाश शुरू की।
पूछताछ में कबूलनामा, भेजा गया जेल
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी परमेश्वर बघेल उर्फ बाडू बैगा (25 वर्ष), निवासी परसबोड़, थाना साजा, जिला बेमेतरा को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद 25 दिसंबर 2025 को उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस की सख्त चेतावनी और आमजन से अपील
दुर्ग पुलिस ने इस मामले के बाद आमजन से अपील की है कि झाड़फूंक, तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर किसी अंजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। खासतौर पर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।
पुलिस ने साफ कहा है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस की कार्रवाई से आरोपी सलाखों के पीछे है, लेकिन ऐसे अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है।
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