- सुपेला के नशा मुक्ति केन्द्र का प्रयास हो रहा कारगर
- एस पी डॉ अभिषेक पल्लव ने तोड़ी नशे के सौदागरों की कमर
शिवगढ़ प्रेस : दुर्ग : भिलाई :- दुर्ग जिले की पहचान एशिया में सबसे बड़े भिलाई इस्पात संयंत्र से है तो वही नशे के सौदागरों ने अब दुर्ग की पहचान राज्य में नशे के खपत और व्यापार के मामले में दूसरे स्थान का खिताब दिला कर यहां फिजाओं में जहर घोलने पर आमदा हैं और युवा पीढ़ी को नशे के मकड़ जाल में पूरी तरह से जकड़ चूके है । शासकीय लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भिलाई के विशेषज्ञ डॉ मुनीश भगत बताते हैं कि नशे के गिरफ्त में आए लोगों की समय पर पहचान के कई लक्षण हो सकते हैं यदि माता पिता समय पर ध्यान दे तो बच्चों के खर्चे अचानक बड़ जाते हैं और वे पहले से ज्यादा अपने खर्चों के लिए पैसों की मांग करने लग जाते हैं और पैसों की मांग कुछ दिनों में धीरे धीरे बढ़ती जाती है।
डॉ मुनीश भगत , मेडिकल ऑफिसर
कुछ वर्ष पहले छत्तीसगढ़ में ब्राउन शुगर , ड्रग्स , कोकीन जैसे ड्रग्स की खबरें नहीं आती थी । लेकीन अब इन ड्रग्स की खपत ने कई राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में 11 नशा मुक्ति केन्द्र चल हैं तो वहीं यूपी से 6 गुना छोटे राज्य छत्तीसगढ़ में अब इन केंद्रों की संख्या 6 तक पहुंच चुकी है और कई जगहों पर और भी आवश्यकता महसूस की जा रही है । इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य नशे के सौदागरों के निशाने पर है । नशे के सौदागरों ने बुप्रेनॉर्फिन , एविल जैसे कई इंजेक्ट ड्रग्स की उपलब्धता आसानी से डेली नीड्स और मेडिकल स्टोर्स जैसे कई माध्यमों से आसानी से उपलब्ध करा कर विशेष कर युवा पीढ़ी को बर्बादी के कगार पर पहुंचा रहे हैं।
डॉ मुनीश भगत , मेडिकल ऑफिसर
दुर्ग जिले में नशे से जुडे मामलों में भारी बड़ोतरी देखी जा रही है। सुपेला भिलाई स्थित ओएसटी सेन्टर में प्रति माह 6 हजार नशे के मरीज अपना ईलाज कराने पहुंच रहे हैं। जो कि पिछले 10 वर्षों में 4चार गुना तक बढ़ चुके हैं। नशा के फेर में समाज का हर वर्ग फंसा हुआ है ।
डॉ मुनीश भगत , मेडिकल ऑफिसर
वर्षो से ओ एस टी सेन्टर में नशे के मरीजों के लिए कार्य कर रहे डॉ मुनीश भगत ने बताया कि जब से जिले के पुलिस अधीक्षक के रुप डा अभिषेक पल्लव ने कमान संभाली है तब से नशे के कारोबारियों के ऊपर ताबड़तोड़ कार्यवाही हो रही है जिससे मार्केट में नशे की सामग्रियो की किल्लत हो गई है , यह बात हमे रोजाना पहुंच रहे नशे के मरीज बताते हैं।
डॉअभिषेक पल्लव, पुलिस अधीक्षक दुर्ग


















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