शिवगढ़ / प्रेस दुर्ग , – दुर्ग जिले में पाटन के ग्राम सांकरा में चंद्राकर समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय चंद्राकर समाज उपक्षेत्र जामगांव एम की एक महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक ग्राम सांकरा में आयोजित की गई।
बैठक का उद्देश्य समाज को संगठित करने, पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य की दिशा तय करने को लेकर गंभीर मंथन करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत समाज के महापुरुषों के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए समाज अध्यक्ष लोकमनी चंद्राकर ने कहा कि “एकता में ही शक्ति है और यही किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होती है।” उन्होंने कहा कि आज के समय में चंद्राकर समाज की प्रगति, मजबूती और सम्मान के लिए संगठनात्मक एकता, सामूहिक निर्णय और पारदर्शिता अनिवार्य हो चुकी है। जब तक समाज के प्रत्येक सदस्य की भागीदारी और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक सर्वांगीण विकास संभव नहीं है।
सामाजिक अंकेक्षण से बढ़ेगा विश्वास, दूर होंगी भ्रांतियां
लोकमनी चंद्राकर ने समाज में हो रहे विभिन्न कार्यों, योजनाओं और संसाधनों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि सामाजिक अंकेक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। सामाजिक अंकेक्षण से न केवल समाज के भीतर पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आपसी विश्वास मजबूत होगा और गलतफहमियों का समाधान भी होगा। इससे योग्य, कर्मठ और ईमानदार व्यक्तियों को आगे आने का अवसर मिलेगा, जो समाज की आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक दिशा को सही मार्गदर्शन दे सकेंगे।
वरिष्ठ, युवा और महिलाएं मिलकर बनाएं मजबूत संगठन
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि समाज के वरिष्ठजन, युवा वर्ग, महिलाएं और बुद्धिजीवी मिलकर एक सशक्त संगठनात्मक ढांचा तैयार करें। निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और समाजहित सर्वोपरि रखा जाए। वक्ताओं ने कहा कि एकजुटता के अभाव में समाज कमजोर होता है, जबकि संगठन, अनुशासन और सामूहिक प्रयास समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं।
समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक अपील
बैठक के अंत में चंद्राकर समाज के सभी बंधुओं ने संगठन को मजबूत करने, सामाजिक अंकेक्षण को अपनाने और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।
बैठक में ये प्रमुख लोग रहे उपस्थित
बैठक में प्रमुख रूप से भूषण चंद्राकर (सचिव), अशोक चंद्राकर (कोषाध्यक्ष), छत्तर सिंग चंद्राकर (उपाध्यक्ष) के साथ तुंगज चंद्राकर, श्यामलाल चंद्राकर, बसंत चंद्राकर, कमलेश चंद्राकर, ओमप्रकाश चंद्राकर, कान्तु चंद्राकर, ईश्वर चंद्राकर, विष्णु चंद्राकर, हेमनारायण चंद्राकर, चेतन चंद्राकर, मुकेश चंद्राकर, देवेंद्र चंद्राकर, गोकुल चंद्राकर, ओमन चंद्राकर, शीतल चंद्राकर, श्रीमती हर्षा चंद्राकर, रूखमणी चंद्राकर, दुर्गा चंद्राकर, भारती चंद्राकर, योगेश्वरी चंद्राकर, सरिता चंद्राकर, विनोद चंद्राकर, राजूलाल चंद्राकर, आदित्य चंद्राकर, विक्रम चंद्राकर, डुलर चंद्राकर, बिरेंद्र, रोहित, राकेश, राजेश, दीपेश, रोशन, देवेश, सुयस, हर्षवर्धन, नवीन, शुभम, गजेन्द्र, कुमारी चंद्राकर, फेकन, सावित्री, डिकेश्वरी, मोंगरा, चंचल चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु एवं बहनें उपस्थित रहीं।
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