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भिलाई–दुर्ग में साइबर ठगी का जाल : WhatsApp ग्रुप से ट्रेडिंग एप तक ठगी का पूरा खेल, भिलाई के दो युवकों से 25 लाख से ज्यादा की साइबर धोखाधड़ी, मामले में अपराध दर्ज

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शिवगढ़ प्रेस । दुर्ग , – भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। रेंज साइबर थाना दुर्ग में दो अलग-अलग पीड़ितों की शिकायत पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 318(2), 318(4) एवं 336(3) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। दोनों मामलों में ठगों ने WhatsApp ग्रुप, फर्जी ट्रेडिंग एप, QR कोड और निवेश लिंक के जरिए लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

पहला मामला : WhatsApp ग्रुप से फर्जी ट्रेडिंग एप तक ठगी

शहीद वीरनारायण सिंह नगर खुर्सीपार भिलाई निवासी मनीष कुमार गजपाल (39 वर्ष) ने रेंज साइबर थाना दुर्ग में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित के अनुसार, नवंबर 2025 में उसके मोबाइल पर WhatsApp के जरिए एक लिंक आया, जिसमें ट्रेडिंग ग्रुप जॉइन करने का आमंत्रण था।

ग्रुप का नाम “Stock Flights D2” था, जहां लगातार सदस्यों को मुनाफा कमाने के स्क्रीनशॉट दिखाए जाते थे। भरोसा जीतने के बाद दिसंबर 2025 में पीड़ित को GTSS LLC नामक एक ट्रेडिंग एप इंस्टॉल कराया गया।

किस्त-दर-किस्त 13.90 लाख रुपये की ठगी

ट्रेडिंग एप में मुनाफा दिखाकर पीड़ित से अलग-अलग खातों में रकम डलवाई गई।

16 दिसंबर 2025 को ₹50,000

18 दिसंबर 2025 को ₹90,000

31 दिसंबर 2025 को ₹3,00,000

4 से 6 जनवरी 2026 के बीच कई किश्तों में लाखों रुपये

इस तरह कुल ₹13,90,000 विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। जब पीड़ित ने रकम निकालने (withdrawal) की कोशिश की तो एप में “IPO पेंडिंग” बताकर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया गया। संदेह होने पर पीड़ित ने 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।

दूसरा मामला : QR कोड और निवेश लिंक से जाल

दूसरे मामले में कोहका भिलाई निवासी शुभम जायसवाल (29 वर्ष) ने शिकायत दर्ज कराई। 20 दिसंबर 2025 को WhatsApp कॉल के जरिए खुद को “ब्रड सिक्योरिटी” कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति ने निवेश का ऑफर दिया।

पीड़ित को एक लिंक भेजा गया, जिसमें QR कोड के माध्यम से निवेश कराया गया। शुरुआत में थोड़े मुनाफे की रकम दिखाकर भरोसा बनाया गया।

लगातार ट्रांजेक्शन, मुनाफे का लालच और डराने की कोशिश

शुभम जायसवाल ने 20 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग तिथियों में QR कोड और बैंक खातों के माध्यम से करीब ₹11.15 लाख निवेश किए।

बीच-बीच में कुछ रकम निकालने दी गई ताकि भरोसा बना रहे। जब पीड़ित के अकाउंट में करीब ₹16 लाख दिखने लगे और उसने ₹5 लाख निकालने की कोशिश की, तो 18% GST जमा करने की शर्त रख दी गई।
इतना ही नहीं, सर्विस सेंटर नंबर से संपर्क करने पर उसे FIR की धमकी दी गई। इसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

कानूनी कार्रवाई और जांच 

निरीक्षक पुष्पेन्द्र भट्ट, रेंज साइबर थाना दुर्ग के अनुसार, दोनों मामलों में प्रथम दृष्टया साइबर धोखाधड़ी के तत्व पाए गए हैं। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, लिंक और एप्लिकेशन की तकनीकी जांच की जा रही है।

साइबर पुलिस की अपील

साइबर थाना दुर्ग ने नागरिकों से अपील की है कि—

WhatsApp ग्रुप, अनजान लिंक और फर्जी ट्रेडिंग एप से सावधान रहें।

ज्यादा मुनाफे के लालच में निवेश न करें।

किसी भी संदिग्ध लेन-देन की तुरंत 1930 या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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Vaibhav Chandrakar

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