शिवगढ़ प्रेस। दुर्ग
दुर्ग पुलिस नशे के खिलाफ कार्यवाही करते हुए चिट्टा/हेरोइन तस्करी के एक संगठित नेटवर्क पर निर्णायक वार किया है। थाना मोहन नगर पुलिस और एसीसीयू टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन और नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल तस्करी केस में अब तक 33 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पंजाब से शुरू होकर दुर्ग-भिलाई तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पंजाब से चिट्टा मंगाकर दुर्ग और भिलाई में सप्लाई करता था। आरोपी आपस में लगातार संपर्क में रहते थे और पूरी तस्करी सुनियोजित और गोपनीय तरीके से संचालित की जाती थी। गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप कॉल के जरिए सौदे तय करते थे, ताकि कॉल रिकॉर्ड से बचा जा सके।
नकद और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से चलता था नशे का कारोबार
जांच में यह भी सामने आया कि नशे की रकम नकद के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यमों से ली-दी जाती थी। इस तरह एक मजबूत डिजिटल और फिजिकल सप्लाई चैन बनाई गई थी, जिससे नशे की खेप बिना रुकावट ग्राहकों तक पहुंचती रही। पुलिस के अनुसार, यही नेटवर्क युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहा था।
भिलाई से दबोचे गए तीन अहम आरोपी
विवेचना के दौरान पुलिस ने पुख्ता सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 25 दिसंबर 2025 को भिलाई क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में—
धनश्याम कौशिक (38 वर्ष), निवासी खुर्सीपार
रोशन साव (38 वर्ष), निवासी खुर्सीपार
एमडी सरफराज खान (24 वर्ष), निवासी कैंप-01 वैशाली नगर, भिलाई
शामिल हैं।
मोबाइल फोन से खुलेंगे नेटवर्क के और राज
गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल नशे की खरीद-बिक्री और संपर्क के लिए किया जा रहा था। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल डाटा के विश्लेषण से और बड़े तस्करों, सप्लायर्स और ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
पुराने आरोपियों से जुड़ते गए नए नाम
यह मामला थाना मोहन नगर के अपराध क्रमांक 460/2025 से जुड़ा हुआ है। इससे पहले पकड़े गए आरोपियों से हुई पूछताछ में ही पंजाब लिंक और गिरोह की पूरी संरचना सामने आई थी। उसी के आधार पर पुलिस लगातार छापेमारी और गिरफ्तारी कर रही है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
दुर्ग पुलिस का कहना है कि विवेचना अभी जारी है और यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

एसीसीयू और मोहन नगर पुलिस की निर्णायक भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में मोहन नगर थाना पुलिस और एसीसीयू टीम की भूमिका सराहनीय रही। दुर्ग पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप है।
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