बुधवार की सुबह घोटवानी में तब हड़कंप मच गया जब गांव के किसान राजकुमार वर्मा के खेत में एक भारी-भरकम अजगर आराम से कुंडली मारे पड़ा मिला। खेत में काम करने पहुंचे मजदूरों ने जैसे ही सांप को देखा, गांव में दहशत फैल गई।
सूचना मिलते ही 112 की टीम और वन विभाग मौके पर पहुंचा। थोड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया।
टीम अजगर को लेकर धमधा की ओर निकल ही रही थी कि गांव के बुधारू साहू के खलिहान से फिर शोर मच गया। वहां भी एक और बड़ा अजगर दिख गया। इस बार ग्रामीणों की नजर गांव के युवक वेदराज संतु वर्मा पर टिकी, जिसने बिना अफरा-तफरी फैलाए समझदारी से सांप को नियंत्रित किया और उसे सुरक्षित वन विभाग के हवाले कर दिया।
एक ही दिन में दो अजगरों की एंट्री ने पूरे गांव की नींद उड़ा दी है। लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं कि आखिर घोटवानी ही अजगरों का ‘हॉटस्पॉट’ क्यों बन गया है? गांव के बुजुर्गों का मानना है कि हाल ही में आई बाढ़ से जंगल के निचले इलाकों में बसे अजगर बहकर गांव की तरफ पहुंच गए। बाढ़ उतरने के बाद ये सांप सूखे और सुरक्षित स्थान की तलाश में खेतों, मेड़ों और खलिहानों में दाखिल हो रहे हैं।
गांव में अब डर का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। रात होने के बाद खेतों की तरफ जाने से लोग बच रहे हैं।
बच्चों को घर से दूर खेलने नहीं भेजा जा रहा पशुपालक भी सतर्क हैं, क्योंकि अजगर अक्सर छोटे जानवरों को शिकार बना लेते हैं।
वन विभाग के जवान ओयंबक साहू बताते हैं—“अजगर सामान्य प्रजाति है, जहरीला नहीं। डरने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और सांप दिखते ही 112 या वन विभाग को सूचना दें। हम तुरंत रेस्क्यू कर लेते हैं।”
घोटवानी में लगातार मिल रहे अजगरों ने गांव को पूरे दुर्ग जिले में चर्चा का विषय बना दिया है।



















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