शिवगढ़ प्रेस / दुर्ग , – दुर्ग जिले के भिलाई-3 स्थित सेवा सहकारी बैंक और इससे जुड़ी सेवा सहकारी समिति सोमनी में गरीब किसानों की लगभग 79 लाख रुपये की धनराशि के गबन का मामला एक साल पहले ही दर्ज हो चुका है, लेकिन अब तक किसानों को उनकी रकम वापस नहीं मिली है। इससे परेशान किसान गुरुवार को फिर से थाना पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर लिखित शिकायत सौंपते हुए कहा कि विभागीय जांच और आश्वासनों के नाम पर महीनों निकाल दिए गए, पर रकम आज तक नहीं लौटाई गई।
किसानों ने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में बताया कि बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुरेंद्र सिंह भुवाल, समिति अध्यक्ष रामनारायण वर्मा और समिति प्रबंधक नीति दीवान ने आपसी मिलीभगत से किसानों की FD और खातों से लगभग 24 लाख रुपये अवैध रूप से निकाले। कुल मिलाकर करीब 79 लाख रुपये की राशि का गबन किया गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बैंक कर्मी गजानंद शिर्के ने करीब 20 लाख रुपये बैंक में जमा कराए थे, जिसकी रसीद भी किसानों को दी गई, लेकिन वह पैसा भी किसानों तक नहीं पहुंचा और तीनों पदाधिकारियों द्वारा उसका भी दुरुपयोग किया गया।
किसानों का कहना है कि गबन उजागर होने के बाद बैंक प्रबंधन और समिति के पदाधिकारियों ने कई बार आश्वासन दिया कि मामले की विभागीय जांच चल रही है और जल्द ही पैसा लौटा दिया जाएगा। परंतु 6–7 महीने बीत जाने के बाद भी न तो कार्रवाई हुई और न पैसा वापस किया गया।
एक किसान ने दर्द बयां करते हुए कहा,
“मेरी बेटी की शादी 28 तारीख को है। इसके लिए मैंने चार साल में थोड़ा-थोड़ा जमा कर 3 लाख 21 हजार रुपये बचाए थे, पर बैंक कर्मचारियों ने वह भी गबन कर लिया। अब शादी के लिए कर्ज लेने की नौबत आ गई है।”
किसान शत्रुघ्न लाल यादव ने बताया कि उनका 85 लाख रुपये का लेन-देन इससे प्रभावित है, जबकि किसान किसन वर्मा ने 7 लाख रुपये की देनदारी न मिलने की बात कही। किसानों का कहना है कि गजानंद शिर्के ने 24 लाख रुपये वापस कर दिए थे, पर उसमें शामिल उनकी वह राशि भी समिति ने अब तक उन्हें नहीं लौटाई।
किसानों ने आरोप लगाया कि प्रकरण दर्ज होने के बाद भी वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो रही। वे चाहते हैं कि बैंक प्रबंधक, समिति अध्यक्ष और समिति प्रबंधक को नामजद कर कड़ी कार्रवाई की जाए और सभी किसानों का पैसा वापस दिलाया जाए।
उन्होंने मांग की कि मामले में IPC की धारा 420, 409, 467, 468, 473 के तहत कठोर कार्रवाई की जाए और बड़े स्तर की आर्थिक हेराफेरी होने के कारण PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) के अंतर्गत भी जांच की जाए।
इस संबंध में दुर्ग पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि सेवा सहकारी समिति सोमनी और सहकारी बैंक भिलाई-3 में कुछ माह पूर्व एक प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें किसानों के खाते और एफडी से गबन की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने पूर्व में आरोपी व्यक्तियों के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र भी पेश कर दिया था।
उन्होंने बताया कि किसानों की ओर से अब नई शिकायत दी गई है कि समिति प्रबंधक सुरेंद्र सिंह भुवाल और समिति अध्यक्ष रामनारायण वर्मा की भी इसमें भूमिका है।
“शिकायत की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
किसानों ने कहा कि वे सिर्फ अपनी मेहनत की कमाई वापस चाहते हैं, ताकि खेती और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पटरी पर लौट सकें।
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