AgricultureChhattisgarh

दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र में चंबल फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड दुर्ग के द्वारा “कृषक प्रशिक्षण” का आयोजन

0
दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र में दुर्ग के द्वारा "कृषक प्रशिक्षण" का आयोजन

 

रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित प्रयोग से भूमि की गुणवत्ता में सुधार के लिए नरूवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी की उपयोगिता पर जोर

शिवगढ़ प्रेस – दुर्ग l दुर्ग :– दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, अंजोरा में चंबल फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड दुर्ग के द्वारा दिनांक 19 जनवरी 2023 को “कृषक प्रशिक्षण” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कृषको को प्रशिक्षण के साथ विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण भी कराया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.(कर्नल) एन.पी.दक्षिणकर, कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ.संजय शाक्य एवं विशिष्ट अतिथि श्री एस.के. दुबे, क्षेत्रीय प्रबंधक चंबल फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड की गरिमामयी  उपस्थिति रही। इस अवसर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश में सबसे पहले खाद्यान्न उत्पादन में हरित क्रांति के माध्यम से परिवर्तन लाने की कोशिश की गई थी, जिसमें रासायनिक उर्वरकों की अहम भूमिका थी। परंतु आज के परिपेक्ष्य में उर्वरकों के असंतुलित प्रयोग से भूमि की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इस प्रभाव को कम करने के साथ ही मिट्टी की दशा सुधारने में गोबर खाद, केचुआ खाद इत्यादि की अधिक भूमिका है जिसके उपयोग से जमीन को अच्छी उपजाऊ बनाया जा सकता है। जिसमें शासन की महत्वकांक्षी योजना नरूवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी की विशेष भूमिका है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. संजय शाक्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि अधिक मात्रा में फर्टिलाइजर का प्रयोग करने से सूक्ष्म जीव की मात्रा में कमी आ रही है जिससे मिट्टी के उत्पादन क्षमता कम हो रही है इसलिए जमीन में सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ाने के लिए संतुलित उर्वरकों के साथ जैविक खाद का भी अधिक से अधिक प्रयोग करना आवश्यक है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री एस.के. दुबे क्षेत्रीय प्रबंधक चंबल फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड ने कहा कि उर्वरकों का प्रयोग सीमित एवं संतुलित मात्रा में करने से जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहेगी। इस अवसर पर मृदा वैज्ञानिक डॉ. उमेश पटेल ने कृषकों को समन्वित पोषण प्रबंधन पर अपना व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ दिलीप चौधरी, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी कार्यक्रम समन्वयक डॉ.एस.के. थापक, उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ.रोशन साहू, कार्यक्रम सहायक श्रीमती सोनिया खलखो के साथ ग्राम आपटी, ऑलबरस एवं अंजोरा के लगभग 50 कृषकों ने भाग लिया । कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ. निशा शर्मा एवं आभार प्रदर्शन चंबल फर्टिलाइजर के जिला प्रबंधक श्री योगेश जी ने किया।

Vaibhav Chandrakar

उत्कृष्ट स्टाल के लिए हुआ कुम्हारी की बेटी का सम्मान …..राष्ट्रीय व्यापार मेला बिलासपुर में मिला इनाम

Previous article

देवांगन समाज का हाथ कांग्रेस के साथ….ग्राम मंचादुर के 50 से ज्यादा महिला पुरुष ने मंत्री ताम्रध्वज साहू के समक्ष किया कांग्रेस प्रवेश

Next article

You may also like

Comments

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in Agriculture