आयुर्वेद की प्राचीन विधा, नाडी-परीक्षण से जटिल से जटिल रोगों का जड़ से उपचार है संभव
शिवगढ़ प्रेस – डेस्क समाचार l दुर्ग l विख्यात आयुर्वेदाचार्य और बैंगलोर के नाड़ी विशेषज्ञ एवम 20 वर्षों से अनुभवी डॉ रवि पाराशर के नाड़ी परीक्षण शिविर का आयोजन जवाहर नगर दुर्ग में इस बार 17 जनवरी को सुबह 9.30 से दोपहर 3 बजे तक किया जा रहा है , डॉ पराशर पूरे भारत में अलग अलग जगहों में सेवाऐं देते आ रहे हैं जो अब लगातार पिछले 2 वर्षों से यहां माह में एक दिन अपनी निरंतर सेवाएं दे रहे हैं।
आयुर्वेद की प्राचीन विधा, नाडी-परीक्षण (Pulse Diagnosis) के द्वारा व्यक्ति के नाड़ी की गति नाप कर शरीर के कमियों का पता लगाया जाता है। इन कमियों का बीमारियों के रूप लेने के पूर्व या फिर लंबे समय से चल रहे जटिल रोगों का जड़ से उपचार किया जाता है , जो कि एक प्रभावशाली एवं हानि रहित पद्धति है जिसमें रक्तचाप , अर्थराइटिस , हृदय विकार , किडनी लीवर संबंधी विकार , हार्मोनल असंतुलन , माइग्रेन सहित अनेकों बीमारियों का निदान इस पद्धति से संभव है । नाड़ी परीक्षा खाली पेट या भोजन के 3 घंटे बाद की जाती है ।
दुर्ग के जवाहर नगर में मकान नंबर 30 , आशीर्वाद भवन के सामने हो रहे इस नाड़ी परीक्षण के बारे में श्रीमती पिंकी बंसल ने बताया कि शरीर की प्रकृति जान कर औषधि लेने से बीमारियां जड़ से उपचारित होती है।शरीर संबंधित किसी प्रकार की समस्याओं के उचित निदान के लिए एक बार अवश्य नाड़ी परीक्षण करवाएं। अधिक जानकारी के लिए 8103936222 पर उनसे संपर्क कर सकते हैं व नाड़ी विशेषज्ञ से मिलने के पूर्व फोन पर अपॉइंटमेंट लेना आवश्यक होता है ।
















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