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भिलाई के युवक को एम्स में नौकरी का सपना दिखाकर 14.50 लाख की ठगी: कॉलेज दोस्त ही निकला ठग, डेढ़ साल तक चला ठगी का खेल

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शिवगढ़ प्रेस / दुर्ग, – रायपुर एम्स में स्टाफ नर्स की सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने ही कॉलेज मित्र से 14 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला भिलाई से सामने आया है। आरोपी ने लंबे समय तक नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का खेल खेला और रकम हड़पने के बाद फरार हो गया। पीड़ित की शिकायत पर थाना वैशाली नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दोस्ती की आड़ में रची गई ठगी की साजिश 

प्रार्थी मुकेश कुमार कोसरे, पिता स्वर्गीय कंवल सिंह कोसरे, निवासी वृंदा नगर कैंप-01, वार्ड क्रमांक-19, भिलाई ने पुलिस को बताया कि आरोपी अभिषेक जायसवाल उसका कॉलेज का दोस्त है। इसी जान-पहचान और भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे अपने जाल में फंसा लिया।

अभिषेक जायसवाल, निवासी जोन-3 खुर्सीपार, भिलाई ने दावा किया कि उसकी बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से गहरी पहचान है और वह रायपुर एम्स में स्टाफ नर्स के पद पर सीधे नौकरी लगवा सकता है।

ज्वाइनिंग लेटर का लालच

आरोपी ने मुकेश को यह कहकर पूरी तरह आश्वस्त कर दिया कि कुछ ही दिनों में ज्वाइनिंग लेटर मिल जाएगा। साथ ही यह भी वादा किया कि यदि नौकरी नहीं लगी तो पूरी रकम लौटा दी जाएगी।

पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी संभाल रहे मुकेश को एक स्थायी सरकारी नौकरी की सख्त जरूरत थी। इसी मजबूरी और भरोसे ने उसे आरोपी की बातों पर यकीन करने को मजबूर कर दिया।

डेढ़ साल तक चला लेन-देन का सिलसिला

शिकायत के अनुसार 1 सितंबर 2021 से 16 अक्टूबर 2022 के बीच आरोपी ने अलग-अलग माध्यमों से मुकेश से कुल 14,50,000 रुपये वसूल लिए।

एसबीआई सुपेला शाखा से 94,000 रुपये नगद

गूगल पे के माध्यम से 8,86,000 रुपये ऑनलाइन

एसबीआई खाते से आरोपी के पंजाब नेशनल बैंक खाते में 9,80,000 रुपये ट्रांसफर

इसके अतिरिक्त 4,70,000 रुपये नगद

इस तरह कई किश्तों में रकम लेते हुए आरोपी लगातार नौकरी लगने का झांसा देता रहा।

न नौकरी मिली, न पैसा वापस 

लंबा समय बीतने के बावजूद न तो कोई ज्वाइनिंग लेटर मिला और न ही नौकरी। जब मुकेश ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो आरोपी टालमटोल करने लगा। कुछ समय बाद आरोपी अपना मकान छोड़कर कहीं और चला गया और पीड़ित से संपर्क भी कम कर दिया।

फोन पर आरोपी बार-बार जल्द पैसा लौटाने का आश्वासन देता रहा, लेकिन रकम वापस नहीं की।

मानसिक और आर्थिक रूप से टूट गया पीड़ित

मुकेश ने पुलिस को बताया कि इस धोखाधड़ी से वह न केवल आर्थिक रूप से बर्बाद हो गया, बल्कि मानसिक तनाव का भी शिकार हो गया। उसने अपने परिवार और दोस्तों को पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला लिया।

पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का अपराध

थाना वैशाली नगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अभिषेक जायसवाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल और नगद लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपी की तलाश भी जारी है।

तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई 

पुलिस का कहना है कि यदि जांच में और लोगों के साथ ठगी के तथ्य सामने आते हैं, तो मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

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Vaibhav Chandrakar

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